देहरादून, 1 जुलाई।
लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। करीब दस दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली।
मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष मानसून सामान्य समय से लगभग दस दिन देर से उत्तराखंड पहुंचा है। हालांकि अब मानसूनी गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो रही हैं और अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे खेती-किसानी को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं जल स्रोतों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
बारिश के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश में जुलाई के पहले सप्ताह तक व्यापक वर्षा का दौर जारी रह सकता है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेना जरूरी होगा।
प्रदेशवासियों के लिए राहत की बात यह है कि बारिश से भीषण गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं किसान भी समय पर वर्षा शुरू होने से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद कर रहे हैं।

