देहरादून, 2 अगस्त।
उत्तराखंड में रविवार की शुरुआत बदले हुए मौसम के साथ हुई। राजधानी देहरादून में सुबह से बादलों का डेरा बना रहा और कई हिस्सों में हल्की बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट महसूस की गई और लोगों को पिछले दिनों की गर्मी व उमस से राहत मिली। दिन चढ़ने के साथ बादलों की आवाजाही जारी रही, जिससे बीच-बीच में बारिश की संभावना बनी हुई है।
राजधानी के बाजारों, आवासीय इलाकों और मुख्य सड़कों पर सामान्य जनजीवन चलता रहा, हालांकि बारिश शुरू होते ही यातायात की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। दफ्तर जाने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। शहर के निचले इलाकों में हल्का जलभराव भी देखने को मिल सकता है यदि बारिश का दौर तेज होता है।
दूसरी ओर, राज्य के पहाड़ी जिलों में मौसम अधिक सक्रिय बना हुआ है। मसूरी, चकराता, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे क्षेत्रों में बादल लगातार मंडरा रहे हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे मौसम में पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और संवेदनशील स्थानों पर छोटे भूस्खलन का खतरा भी बना रहता है। इसलिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सावधानी के साथ सफर करने की सलाह दी जा रही है।
चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम पर नजर रखना जरूरी है। बारिश के दौरान पर्वतीय मार्गों पर दृश्यता कम हो सकती है और कुछ स्थानों पर यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मार्गों की निगरानी कर रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत व्यवस्था की जा सके।
मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप किसानों के लिए भी राहत लेकर आया है। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है, वहां खेतों में पानी की निकासी पर ध्यान देना भी आवश्यक होगा ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक उत्तराखंड में मानसून का असर बना रह सकता है। देहरादून समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज वर्षा देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

