देहरादून ; 19.08.2026।
देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य को लेकर स्कूली विद्यार्थियों की सोच अब कागजों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल मंच के जरिए सरकार तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर चलाए जा रहे ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ निबंध लेखन अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब तक 35 हजार से अधिक विद्यार्थी अपने निबंध सीएम विद्यार्थी मंथन डॉट कॉम पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं।
अभियान का उद्देश्य प्रदेश के युवा विद्यार्थियों को उत्तराखंड के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी कल्पना, सुझाव और भविष्य की सोच सामने रखने का अवसर देना है। इसमें खास तौर पर कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। बताया गया है कि करीब तीन लाख विद्यार्थियों तक इस पहल को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को प्रदेशभर के लगभग तीन लाख 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद किया था। इसी दौरान उन्होंने युवाओं से अपील की थी कि वे अपने सपनों और अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित उत्तराखंड की तस्वीर निबंध के माध्यम से साझा करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि विद्यार्थियों के विचारों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उपयोगी सुझावों का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश की नीतियों और विकास की दिशा में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
विकास के कई पहलुओं पर विद्यार्थियों की नजर
निबंध लेखन के लिए विद्यार्थियों को उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े अलग-अलग विषय दिए गए हैं। इनमें पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह बताने का अवसर मिल रहा है कि वे अपने राज्य को आने वाले वर्षों में किस रूप में देखना चाहते हैं।
खास बात यह है कि विद्यार्थियों के विचारों में केवल समस्याओं का उल्लेख ही नहीं, बल्कि उनके समाधान और विकास की संभावनाओं को भी सामने लाने की उम्मीद की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, पर्यटन को नई दिशा देने, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तथा तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल जैसे मुद्दे प्रदेश के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं।
140 विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष अवसर
अभियान में बेहतर और प्रभावशाली विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी विशेष अवसर रखा गया है। 140 श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री और शासन के सचिवों के साथ सीधे विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही चयनित विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रवृत्ति दिए जाने की व्यवस्था भी की गई है।
इससे प्रतियोगिता को केवल पुरस्कार तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
अंतिम तारीख 24 अगस्त
अभियान के प्रति बढ़ती रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोर्टल पर लगातार निबंध अपलोड किए जा रहे हैं। अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के अनुसार, इस पहल में जेन जी और अल्फा जेनरेशन के विद्यार्थी एक साथ भागीदारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह युवाओं की कल्पनाओं और विचारों को सीधे प्रदेश के विकास से जोड़ने वाला यह प्रयास अपने स्वरूप में विशेष है।
विद्यार्थियों के पास निबंध अपलोड करने के लिए अभी समय है। 24 अगस्त 2026 को आवेदन और निबंध अपलोड करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पोर्टल पर प्रविष्टियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। अभियान के जरिए सामने आने वाले विचार यह बताने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी अपने राज्य के विकास को किस नजरिए से देखती है और आने वाले समय में वह अपने सपनों का उत्तराखंड कैसा बनाना चाहती है।

