देहरादून ; 18.10.2026,
देहरादून। जिले में अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण के मामलों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कार्रवाई की है। सेलाकुई क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर विकसित की जा रही दो प्लॉटिंग साइटों को ध्वस्त किया गया। कल्याणपुर और न्यू हाईवे क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित स्थलों पर कार्रवाई की।
यह अभियान MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि विकास क्षेत्र में बिना जरूरी स्वीकृति के जमीन को भूखंडों में बांटकर कॉलोनी विकसित करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कल्याणपुर में 10 बीघा जमीन पर कार्रवाई
सेलाकुई क्षेत्र में शिमला बाईपास के पास स्थित कल्याणपुर में करीब 10 बीघा भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर वहां विकसित की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना निर्धारित अनुमति के जमीन को भूखंडों में बांटकर बेचने या कॉलोनी के रूप में विकसित करने की गतिविधियों पर रोक लगाना है।
न्यू हाईवे क्षेत्र में भी हटाई गई प्लॉटिंग
कल्याणपुर के अलावा न्यू हाईवे, सेलाकुई क्षेत्र में भी लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही दूसरी प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यहां भी प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित किए जा रहे भूखंडों को हटाया। दोनों स्थलों पर हुई कार्रवाई में कुल करीब 20 बीघा जमीन पर चल रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान MDDA के संबंधित अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे, ताकि अभियान को नियमानुसार पूरा किया जा सके।
बिना स्वीकृति जमीन विकसित करने वालों पर रहेगी नजर
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों के तहत प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के मामलों की निगरानी की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू करने या जमीन पर आवासीय कॉलोनी विकसित करने से पहले संबंधित नियमों के अनुरूप आवश्यक स्वीकृतियां लेना जरूरी है। निर्धारित मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित स्थल के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी स्पष्ट किया है कि शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में निर्माण और प्लॉटिंग की स्थिति की जांच की जाती है।
भूखंड खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच जरूरी
सेलाकुई और आसपास के क्षेत्रों में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को भूखंड की वैधानिक स्थिति की जानकारी लेने की जरूरत है। केवल जमीन की रजिस्ट्री या विक्रेता के आश्वासन के आधार पर सौदा करना पर्याप्त नहीं है। खरीदारों को यह भी देखना चाहिए कि संबंधित कॉलोनी या प्लॉटिंग को सक्षम प्राधिकरण से जरूरी मंजूरी मिली है या नहीं।
अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भविष्य में परेशानी हो सकती है। ऐसे में भूखंड खरीदने से पहले स्वीकृत लेआउट और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करना महत्वपूर्ण है।
MDDA ने संकेत दिया है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। सेलाकुई के कल्याणपुर और न्यू हाईवे क्षेत्र में हुई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों और प्लॉटिंग का काम करने वालों के लिए स्वीकृति संबंधी नियमों का पालन करना अहम हो गया है।

