5 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने आज पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। जारी आधिकारिक आदेश के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में कुमाऊं रेंज के आईजी समेत पुलिस मुख्यालय, सीआईडी, यातायात, चारधाम यात्रा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों से जुड़े अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।
शासन द्वारा जारी आदेश को राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन, बढ़ते यातायात दबाव और अपराध नियंत्रण जैसी चुनौतियों को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का मानना है कि अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली का बेहतर उपयोग नए क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जिससे पुलिस व्यवस्था में और अधिक मजबूती आएगी।
इस प्रशासनिक बदलाव के तहत कई अधिकारी लंबे समय से संभाल रहे पदों से हटाकर नई जिम्मेदारियों में भेजे गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त दायित्व भी दिए गए हैं। पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल को आने वाले समय की प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप माना जा रहा है।
स्थानांतरित किए गए IPS अधिकारियों की नई तैनाती
शासन के आदेश के अनुसार 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निम्नलिखित नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं—
- रिद्धिम अग्रवाल को आईजी एसडीआरएफ एवं विशेष सचिव गृह का दायित्व दिया गया है।
- अरुण मोहन जोशी को आईजी यातायात एवं चारधाम यात्रा प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- अनंत शंकर ताकवाले को आईजी कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल बनाया गया है।
- योगेंद्र सिंह रावत को आईजी कार्मिक का दायित्व दिया गया है।
- एन.एस. नपलच्याल को आईजी सीआईडी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- सुरजीत सिंह पंवार को पुलिस मुख्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है।
- अरुणा भारती को चारधाम यात्रा और विशेष प्रबंधन से जुड़े दायित्व सौंपे गए हैं।
- जगदीश चंद्र को नई प्रशासनिक जिम्मेदारी के तहत तैनात किया गया है।
- लोकजीत सिंह को जीआरपी (Government Railway Police) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कानून-व्यवस्था और चारधाम यात्रा पर रहेगा विशेष फोकस
उत्तराखंड में वर्तमान समय में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा संबंधी चुनौतियां प्रशासन के सामने प्रमुख मुद्दे हैं। ऐसे में शासन ने उन अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं जिनके पास फील्ड और प्रशासनिक दोनों स्तरों का अनुभव है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों से चारधाम यात्रा मार्गों पर बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, साइबर अपराधों पर निगरानी बढ़ाने, खुफिया तंत्र को सशक्त बनाने तथा पुलिसिंग में तकनीक के अधिक उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस विभाग में नई ऊर्जा का संदेश
प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सामान्य तबादले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन का उद्देश्य विभिन्न इकाइयों में नई कार्यसंस्कृति विकसित करना और अधिकारियों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग करना है। पुलिस मुख्यालय से लेकर फील्ड स्तर तक किए गए इन बदलावों से विभाग में नई ऊर्जा और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए कुछ अन्य विभागों में भी फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस विभाग में हुए इस बड़े बदलाव ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

