देहरादून ; 11.09.2026।
देहरादून। देहरादून बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के लिए प्रस्तावित नए प्रोफेशनल ऑफिस भवन की योजना अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। भवन के डिजाइन, निर्माण और सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एमडीडीए के अधिकारियों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में इस बात पर जोर रहा कि प्रस्तावित परिसर केवल चैंबरों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिवक्ताओं और यहां आने वाले आम लोगों के लिए भी सुविधाजनक और सुरक्षित हो।
प्रस्तावित भवन के लिए करीब 8,881.28 वर्गमीटर भूमि का सर्वे पूरा किया जा चुका है। योजना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर के अलावा सात मंजिलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें अधिवक्ताओं के लिए 10×10 आकार के 500 से अधिक चैंबर बनाए जाने की योजना है। इतनी बड़ी संख्या में चैंबर होने से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को व्यवस्थित कार्यालय सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में भवन के सर्वे प्लान, साइट प्लान, क्षेत्रफल, प्रवेश-निकास, पार्किंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। एमडीडीए की सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन ने प्रस्तावित डिजाइन और निर्माण योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी अधिकारियों के सामने रखी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने भवन की योजना में सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और लिफ्ट व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया। उनका कहना था कि परिसर में केवल अधिवक्ताओं का ही नहीं, बल्कि विभिन्न कामों से आने वाले आम लोगों का भी लगातार आवागमन रहेगा। ऐसे में भवन की डिजाइन ऐसी होनी चाहिए, जिससे सामान्य परिस्थितियों के साथ-साथ आपात स्थिति में भी लोगों को सुरक्षित और सुगम आवाजाही मिल सके।
प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में वाहन पार्किंग और व्यवस्थित प्रवेश-निकास व्यवस्था को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों को भवन की उपयोगिता, सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एमडीडीए के अधिशासी अभियंता एसएस रावत, सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन, बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट, सीनियर काउंसिल आरएस रावत, प्रेम चंद्र शर्मा, अनुराग गुप्ता और धर्मवीर नेगी मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं के लिए क्यों अहम है यह योजना?
यदि प्रस्तावित योजना तय स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो देहरादून के अधिवक्ताओं को एक ही परिसर में बड़ी संख्या में व्यवस्थित चैंबर और बेहतर कार्यालय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही पार्किंग, लिफ्ट, प्रवेश-निकास और अग्नि सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को शुरुआती डिजाइन में शामिल किए जाने से भविष्य में परिसर के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल पूरा फोकस भवन की डिजाइन को अंतिम रूप देने और निर्माण योजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार करने पर है। अंतिम प्रस्ताव तैयार होने के बाद इस परियोजना की अगली तस्वीर और स्पष्ट होगी।

