Close Menu
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
ब्रेकिंग न्यूज़ -
  • अंतिम संस्कार के लिए जा रहे बुजुर्ग की अचानक खुलीं आंखें, परिजनों ने रुकवाई अंतिम यात्रा; AIIMS में भर्ती।
  • स्वर्ण जयंती पर साहित्य और संस्कारों के संगम का संदेश, आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को दिखाई नई राह।
  • हैदराबाद में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति का डंका, दक्षिण के प्रोडक्शन हाउस ने दिखाई शूटिंग में रुचि।
  • महालक्ष्मी मंदिर में मुख्यमंत्री धामी ने की पूजा, प्रदेश की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद।
  • रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन ने दिया एकता और विरासत के सम्मान का संदेश।
  • लालकुआं में चाय की चौपाल बनी संगठन संवाद का मंच, धामी और नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं संग साझा किए विचार।
  • हल्द्वानी में शहीदों को नमन, सैनिक सम्मान का संकल्प दोहराया; धामी-नबीन ने साझा की राष्ट्रसेवा की प्रतिबद्धता।
  • उत्तराखंड में कचरा प्रबंधन को नई दिशा, चार श्रेणियों में होगा अपशिष्ट पृथक्करण।
  • धामी सरकार का सरकारी संपत्तियों के आधुनिकीकरण पर जोर, रतूड़ा में अतिथि गृह और देहरादून में 48 नए आवासों की तैयारी।
  • हल्द्वानी में भाजपा कोर कमेटी का मंथन, धामी ने संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों पर दिया जोर।
Thursday, September 10
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
Demo
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
Login
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
Home»उत्तराखण्ड»स्वर्ण जयंती पर साहित्य और संस्कारों के संगम का संदेश, आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को दिखाई नई राह।
उत्तराखण्ड देहरादून राज्य समाचार शिक्षा

स्वर्ण जयंती पर साहित्य और संस्कारों के संगम का संदेश, आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को दिखाई नई राह।

Monika RawatBy Monika RawatSeptember 10, 2026No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp

देहरादून ; 10.09.2026।

डीपीएस रानीपुर के ‘गोल्डन कंटिन्यूम : स्वर्ण अक्षर-2026’ में मुख्य सचिव ने कहा, तकनीक के साथ संवेदनशीलता और संस्कृति से जुड़ाव भी जरूरी

हरिद्वार। दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘द गोल्डन जुबली लिटरेसी फेस्टिवल-गोल्डन कंटिन्यूम : स्वर्ण अक्षर-2026’ में शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के बदलते स्वरूप पर सार्थक चर्चा देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साहित्य और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक उपलब्धि उसकी भव्य इमारतों में नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाली पीढ़ियों के विचारों, संस्कारों और समाज में दिए गए योगदान से तय होती है।

मुख्य सचिव ने विद्यालय की पांच दशक लंबी यात्रा को उपलब्धि बताते हुए कहा कि किसी संस्था को वर्षों तक निरंतर आगे बढ़ाने में एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक योगदान होता है। शिक्षक विद्यार्थियों को दिशा देते हैं, विद्यार्थी संस्था की पहचान बनाते हैं और अभिभावक इस पूरी व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि डीपीएस रानीपुर की 50 वर्षों की यात्रा के पीछे भी ऐसे ही अनेक लोगों का परिश्रम, समर्पण और विश्वास जुड़ा हुआ है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में साहित्य की भूमिका अहम

आनंद बर्द्धन ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक ने सीखने, काम करने और संवाद करने के तरीकों को काफी हद तक बदल दिया है। ऐसे समय में साहित्य की प्रासंगिकता कम होने के बजाय और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि तकनीक हमें सूचनाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन मानवीय संवेदना, कल्पना, विचार और जीवन के अनुभवों को समझने में साहित्य की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी पढ़ाई को केवल निर्धारित पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित न रखें। अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ें, अच्छे साहित्य से जुड़ें और अपने आसपास होने वाली घटनाओं को समझने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के दृष्टिकोण को व्यापक बनाती है और उसे किसी विषय को कई पहलुओं से देखने की क्षमता देती है।

हिमालय और लोक संस्कृति को समझने की जरूरत

मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड की पहचान में हिमालय और लोक परंपराओं के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की संस्कृति में सदियों का अनुभव और ज्ञान समाहित है। यहां की लोककथाएं, लोकगीत, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण धरोहर हैं। साहित्य इन परंपराओं को संरक्षित करने और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक दुनिया की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ अपनी जड़ों को भी जानना चाहिए। अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के प्रति समझ विकसित करने से व्यक्ति अपनी पहचान को बेहतर तरीके से महसूस कर पाता है। आधुनिकता और परंपरा को एक-दूसरे का विरोधी मानने के बजाय दोनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।

विद्यार्थियों को दिए आत्ममंथन के तीन सूत्र

आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर आत्ममंथन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर खुद से तीन सवाल अवश्य पूछने चाहिए—मैंने क्या सीखा, मैंने क्या योगदान दिया और मैंने किसकी मदद की। उन्होंने कहा कि ये तीन सवाल विद्यार्थी को केवल अपनी उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय अपने सीखने, सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का अर्थ केवल अच्छे अंक हासिल करना या व्यक्तिगत उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं है। वास्तविक सफलता तब है, जब व्यक्ति अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग स्वयं के साथ-साथ समाज के हित में भी कर सके। उन्होंने युवाओं को जिज्ञासु बने रहने, नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को सकारात्मक दिशा में लगाने की प्रेरणा दी।

पांच दशक की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान विद्यालय की पांच दशक की शैक्षणिक यात्रा और उससे जुड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम ने वर्तमान और पूर्व पीढ़ियों के बीच विद्यालय की विरासत को जोड़ने का अवसर प्रदान किया। साहित्य केंद्रित आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और विचारों को सामने रखने का मंच मिला।

कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए मुख्य सचिव का संबोधन प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और देश के भविष्य को आकार देने में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसलिए उन्हें ज्ञान के साथ विवेक, तकनीक के साथ संवेदनशीलता और आधुनिक सोच के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करना चाहिए।

समारोह में शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, डीएम मयूर दीक्षित, सीएफओ बीएचईएल राजेश कुमार द्विवेदी, कार्यकारी निदेशक बीएचईएल रंजन कुमार, प्रिंसिपल अनुपम जग्गा, वाइस प्रिंसिपल डॉ. पविंदर सिंह, वाइस प्रिंसिपल एकेडमिक्स अनुपमा श्रीवास्तव, प्रो-वाइस चेयरमैन डीपीएस रानीपुर एन. एस. राणा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने शिक्षा के साथ साहित्य, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को जोड़ते हुए नई पीढ़ी को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने का संदेश दिया।

Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Monika Rawat

Related Posts

अंतिम संस्कार के लिए जा रहे बुजुर्ग की अचानक खुलीं आंखें, परिजनों ने रुकवाई अंतिम यात्रा; AIIMS में भर्ती।

September 10, 2026
Read More

हैदराबाद में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति का डंका, दक्षिण के प्रोडक्शन हाउस ने दिखाई शूटिंग में रुचि।

September 10, 2026
Read More

महालक्ष्मी मंदिर में मुख्यमंत्री धामी ने की पूजा, प्रदेश की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद।

September 10, 2026
Read More
Leave A Reply Cancel Reply







Top Posts

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी सौगात: हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी समेत कई जिलों की विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार

July 9, 2026109

नामी बिल्डर से फोन कर 25 लाख मांगे, बदनाम और ब्लैकमेल करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाई।

January 20, 202650

1 जुलाई से आम लोगों को राहत भी, बढ़ा खर्च भी: गैस, पेट्रोल-डीजल और पासपोर्ट से जुड़े बड़े बदलाव लागू

July 1, 202643

रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि: भूस्खलन से छेनागाड़ तबाह, 15 दुकानें व घर जमीदोंज, आठ लोग नदी में बहे, महिला की मौत

August 30, 202543
Weather

Devbhoomi Khabar is a Hindi News Portal. Launched in 2025, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

Editor: Monika Rawat
Address: Kalinga Vihar, Majri Mafi, Mohkam Pur Kala, Dehradun, Uttarakhand, India 248001
Email Us: devbhoomikhabaruk@gmail.com

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp Telegram
Our Picks

अंतिम संस्कार के लिए जा रहे बुजुर्ग की अचानक खुलीं आंखें, परिजनों ने रुकवाई अंतिम यात्रा; AIIMS में भर्ती।

September 10, 2026

स्वर्ण जयंती पर साहित्य और संस्कारों के संगम का संदेश, आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को दिखाई नई राह।

September 10, 2026

हैदराबाद में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति का डंका, दक्षिण के प्रोडक्शन हाउस ने दिखाई शूटिंग में रुचि।

September 10, 2026
Most Popular

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी सौगात: हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी समेत कई जिलों की विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार

July 9, 2026109

नामी बिल्डर से फोन कर 25 लाख मांगे, बदनाम और ब्लैकमेल करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाई।

January 20, 202650

रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि: भूस्खलन से छेनागाड़ तबाह, 15 दुकानें व घर जमीदोंज, आठ लोग नदी में बहे, महिला की मौत

August 30, 202543
© 2026 Devbhoomi Khabar. All rights reserved.
  • होम
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?