2 july 2026 : देहरादून।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने इस बार ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे (इकोनॉमिक कॉरिडोर) पर वाहनों का संचालन जारी रखने की योजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से शहरों के बीच संपर्क बना रहेगा और यात्रियों को लंबा वैकल्पिक मार्ग नहीं अपनाना पड़ेगा।
21 जुलाई से पहले पूरी होंगी सभी तैयारियां
हालांकि श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई से होगी, लेकिन पुलिस-प्रशासन का अनुमान है कि कांवड़ियों की आवाजाही 21 जुलाई से ही शुरू हो जाएगी। इसी वजह से सभी जरूरी तैयारियां समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन की योजनाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज कर दिया गया है।
उच्चस्तरीय बैठकों में तैयार हुआ ट्रैफिक प्लान
एडीजी (यातायात) ए. सतीश गणेश ने मेरठ में मेरठ और सहारनपुर रेंज के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद एडीजी (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने मेरठ और बरेली जोन के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठकों में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे को कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक संचालन के लिए सक्रिय रखा जाएगा। साथ ही यह भी तय किया जा रहा है कि वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए किन-किन स्थानों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों मार्गों का निरीक्षण कर विस्तृत रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों के बीच रहेगा बेहतर समन्वय
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे से जुड़े सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत के अलावा दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाए। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक संचालन के लिए संबंधित जिलों को संयुक्त योजना बनाकर काम करने को कहा गया है, ताकि किसी भी मार्ग पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।
सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा पर भी जोर
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों के गड्ढों की मरम्मत कराई जाए। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को प्रशिक्षण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है।
आम लोगों को राहत देने की कोशिश
प्रशासन का उद्देश्य यह है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही भी प्रभावित न हो। एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड हाईवे के उपयोग से शहरों के बीच संपर्क बना रहेगा और लंबी दूरी के वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। अधिकारियों को जल्द ही विस्तृत रूट प्लान और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

