12 july 2026 ; Dehradun!
हरिद्वार में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में संभाली जाएगी। 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के जलाभिषेक तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम नियम लागू किए गए हैं।
कांवड़ की ऊंचाई पर तय हुई सीमा
बारिश के मौसम में बिजली के तारों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित कर दी है। पैदल ले जाई जाने वाली कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट और झांकी वाली कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट तय की गई है। प्रशासन का कहना है कि बारिश के कारण कांवड़ गीली हो जाती है, जिससे हाई-टेंशन बिजली लाइनों के संपर्क में आने पर करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
हथियार और हुड़दंग पर रहेगा जीरो टॉलरेंस
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व है। इसलिए यात्रा मार्ग और मेला क्षेत्र में तलवार, त्रिशूल, भाले, डंडे, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार के हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर यात्रा में शामिल होने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तेज आवाज वाले साइलेंसर और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
यात्रा के दौरान तेज आवाज वाले रेट्रो या मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले वाहनों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ चालान के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा भी होगी प्राथमिकता
हरिद्वार पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होगी। यात्रा मार्ग पर यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, मेडिकल सहायता और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि देशभर से आने वाले शिवभक्त बिना किसी परेशानी के गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
श्रद्धा के साथ नियमों का पालन करने की अपील
पुलिस प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, अनुशासन बनाए रखें और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का मानना है कि श्रद्धा और अनुशासन के साथ आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए सुखद और सुरक्षित अनुभव साबित होगी।

