22 july 2026 ; Dehradun!
हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा का संचालन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ वातावरण में कराया जाए ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड से सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए आवश्यकतानुसार अलग यातायात व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी प्रमुख पड़ावों और मेला क्षेत्रों में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस तैनात करने तथा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अग्निशमन दल को पूरी तरह सतर्क रखने को कहा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थलों और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने नो-प्लास्टिक अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की नियमित जांच की जाए तथा सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस और पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हों। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों और संत समाज से भी कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने धर्माचार्यों के संदेशों पर आधारित जागरूकता वीडियो तैयार कर यात्रियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि यात्रा अनुशासन और मर्यादा के साथ संपन्न हो सके।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय रखने तथा जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

