देहरादून ; 1 नवम्बर 2026,
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में ज्योतिर्मठ के समीप हाथी पर्वत क्षेत्र में हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। दुर्गम पहाड़ी इलाके, खड़ी चट्टानों और घने जंगलों के बीच बचाव दलों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीर बरामद कर लिए हैं। 30 घंटे से अधिक समय तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद सभी शवों को सुरक्षित पहाड़ से नीचे लाकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर को हेलीकॉप्टर दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद से ही घटनास्थल पर लगातार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा था। हादसे का स्थान काफी ऊंचाई पर होने के साथ-साथ भौगोलिक रूप से बेहद कठिन था। संकरे पहाड़ी रास्तों, गहरी खाइयों और घने जंगल के कारण राहत दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। खराब परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार अभियान जारी रखा।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), उत्तराखंड पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से जुटी रहीं। बचावकर्मियों ने पैदल दुर्गम रास्तों को पार करते हुए दुर्घटनास्थल तक पहुंच बनाई। इसके बाद मलबे में फंसे सभी छह लोगों के शवों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। अभियान की सफलता के साथ ही हादसे के बाद से जारी खोजबीन का सिलसिला समाप्त हो गया।
सड़क मार्ग से जोशीमठ अस्पताल पहुंचाए गए शव
रेस्क्यू टीमों ने सभी छह पार्थिव शरीरों को बेहद कठिन पहाड़ी रास्तों से नीचे उतारकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जोशीमठ ले जाया गया। यहां पंचनामा समेत आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी हेलीपैड पहुंचाया गया, जहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से उन्हें एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। वहां आगे की आवश्यक जांच और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
बदरीनाथ से देहरादून जा रहा था हेलीकॉप्टर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर (VT-HCX) 30 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए रवाना हुआ था। इसी दौरान ज्योतिर्मठ क्षेत्र के हाथी पर्वत के समीप हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय विमान में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें कर्नाटक के पांच श्रद्धालु और दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु शामिल थे। इस भीषण दुर्घटना में सभी छह लोगों की जान चली गई।
हादसे के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
घटना के बाद जिला प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि हेलीकॉप्टर किन परिस्थितियों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
इस हादसे ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में हवाई उड़ानों के दौरान आने वाली चुनौतियों और दुर्गम स्थानों पर आपदा प्रबंधन की कठिनाइयों को सामने ला दिया है। वहीं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच विभिन्न बचाव एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से सभी छह पार्थिव शरीरों को बरामद करना रेस्क्यू अभियान की बड़ी सफलता रही।

