देहरादून ; 5 नवम्बर 2026,
देहरादून। उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से उत्तराखंड परिवहन निगम की 59 नई साधारण बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आधुनिक बीएस-06 उत्सर्जन मानकों से लैस इन बसों के सड़क पर उतरने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। खासतौर पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में इन बसों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।
नई बसों को परिवहन निगम के बेड़े में शामिल करने का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद सफर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों के बीच सड़क परिवहन संपर्क को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। राज्य के कई गांव और बस्तियां दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां लोगों की दैनिक जरूरतें, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां परिवहन सुविधाओं पर निर्भर करती हैं। ऐसे में केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन मार्गों पर नियमित और सुलभ बस सेवाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक विकास की सुविधाएं पहुंचें और किसी भी क्षेत्र के निवासियों को आवागमन के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। नई बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिलने के साथ विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
तीन मंडलों को मिली नई बसों की जिम्मेदारी
उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से इन 59 बसों का वितरण प्रदेश के तीन मंडलों में किया गया है। निर्धारित आवंटन के अनुसार नैनीताल मंडल को 19 बसें, टनकपुर मंडल को 20 बसें और देहरादून मंडल को 20 बसें दी गई हैं। इनका संचालन संबंधित क्षेत्रों की जरूरत और यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मार्गों पर किया जाएगा।
इस आवंटन से मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय मार्गों पर भी बस सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। जिन रूटों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहता है, वहां अतिरिक्त बसों के संचालन से सफर की सुविधा बेहतर होने की संभावना है। वहीं, दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन संपर्क मजबूत होने से स्थानीय लोगों को बाजार, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है।
1,276 बसों के बेड़े में और बढ़ेगी परिवहन निगम की क्षमता
वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन निगम के पास कुल 1,276 बसें संचालित हैं। इनमें निगम की अपनी 891 बसें और अनुबंध के आधार पर चलने वाली 385 बसें शामिल हैं। अब 59 नई बसों के शामिल होने से निगम की परिचालन क्षमता को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
नई बसों का संचालन यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न रूटों पर किया जाएगा। इससे व्यस्त मार्गों पर बसों की उपलब्धता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर विकल्प देने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बेहतर परिवहन संपर्क विकसित करने का अवसर मिलेगा।
बीएस-06 तकनीक से पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा महत्व
नई बसें बीएस-06 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप तैयार की गई हैं। इन मानकों का उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना है। उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में स्वच्छ एवं जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था की जरूरत लगातार बनी रहती है।
ऐसे में आधुनिक उत्सर्जन मानकों वाली बसों को परिवहन निगम के बेड़े में शामिल करना सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के साथ पर्यावरण संबंधी प्रयासों से भी जुड़ा हुआ है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों को देखने के लिए सालभर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर बस सेवाएं न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती हैं। सुगम परिवहन से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना रहती है।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई बसों के संचालन से जुड़ी इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नई बस सेवाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के हर हिस्से को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
कुल मिलाकर, 59 नई बसों की शुरुआत प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में क्षमता विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इनके रूट निर्धारण और नियमित संचालन के साथ यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। अब इन बसों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर नजर रहेगी।

