9 june 2026
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जौनसार-बावर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की मूल संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें जौनसार-बावर की धरती पर आने का अवसर मिलता है, तो ऐसा अनुभव होता है मानो वे पूरे उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन कर रहे हों। यहां की लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता, प्राकृतिक सौंदर्य और परंपरागत जीवनशैली प्रदेश की गौरवशाली विरासत को संजोए हुए हैं।
मुख्यमंत्री देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के माध्यम से शहरी विकास विभाग, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह में बड़ी संख्या में नवचयनित अभ्यर्थी, उनके परिजन और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रदेश और समाज की सेवा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं से जनता की अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं और उन्हें अपने कार्यों के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतना होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर मिल रहे हैं, जिससे युवाओं का सरकारी व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड एक युवा राज्य है और यहां की युवा शक्ति राज्य के विकास की सबसे बड़ी पूंजी है। सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग में नियुक्त होने वाले कर्मचारी शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी युवाओं को रोजगार एवं प्रशिक्षण से जोड़ने का कार्य करेंगे। पशुपालन विभाग में नियुक्त अभ्यर्थी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने में योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि रोजगार के विविध अवसर सृजित करना भी है। स्वरोजगार, स्टार्टअप, पर्यटन, कृषि और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करें।
समारोह के दौरान नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई अभ्यर्थियों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने राज्य सरकार और चयन आयोग द्वारा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवचयनित युवा अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को मजबूत करेंगे।

