5 july 2026, Dehradun !
देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कथित अनियमितता के आरोपों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच प्रक्रिया को गति दे दी है। मामले की निष्पक्ष पड़ताल के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे निर्धारित समय के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी गहन समीक्षा की जा रही है।
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इस विषय पर कहा कि किसी भी प्रकार के आरोपों की सच्चाई जांच के माध्यम से ही सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सरकार और मंदिर समिति तथ्यों के आधार पर जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि अतीत में भी धार्मिक स्थलों से जुड़े कुछ आरोप सामने आए थे, लेकिन जांच के बाद कई मामलों में आरोप सही नहीं पाए गए। उनका कहना था कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को अपना कार्य निष्पक्ष रूप से करने का अवसर मिलना चाहिए।
बीकेटीसी के अधिकारियों के अनुसार जांच समिति सभी संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लगभग 40 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर हर पहलू की जांच की जा सके। विभागीय स्तर पर भी एक अलग टीम गठित की गई है, जो तकनीकी पहलुओं और निगरानी व्यवस्था का परीक्षण कर रही है।
बताया गया है कि हाल ही में एक सामाजिक संगठन की ओर से मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में कथित अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में संबंधित कर्मचारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
बीकेटीसी प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और संबंधित पक्षों का कहना है कि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

