19 july 2026 ; Dehradun!
बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब और व्यापक हो गई है। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मंदिर में सुरक्षित रखे जाने वाले ‘कुबेर के खजाने’ से जुड़े पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड तलब किए हैं। इस रिकॉर्ड में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई नकदी के साथ-साथ सोना, चांदी, हीरे, माणिक और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का पूरा विवरण शामिल है।
मंदिर परिसर में लगे दानपात्रों से प्राप्त नकदी और कीमती वस्तुओं की गिनती के बाद उन्हें सुरक्षित बॉक्स में रखकर अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। अब पुलिस इन अभिलेखों का वास्तविक उपलब्ध सामग्री से मिलान करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या रिकॉर्ड में अंतर की पुष्टि की जा सके। इस प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सटीक बनाने के लिए एक विशेषज्ञ लेखाकार को भी जांच टीम के साथ जोड़ा गया है।
मामले में कार्रवाई जारी रखते हुए पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान के खिलाफ कानूनी कदम उठा चुकी है। हालांकि नौटियाल की कस्टडी रिमांड की मांग अदालत ने फिलहाल स्वीकार नहीं की, जबकि राजेंद्र चौहान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। यदि रिकॉर्ड की जांच में नए तथ्य या वित्तीय अनियमितताओं के अतिरिक्त प्रमाण सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य दान के रिकॉर्ड और वास्तविक जमा संपत्ति के बीच किसी भी संभावित अंतर का सत्यापन करना है।

