29 july 2026 ; Dehradun!
बदरीनाथ धाम के चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी को अहम सफलता मिली है। मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के बदरीनाथ स्थित सरकारी आवास से कथित तौर पर चढ़ावे से जुड़े कीमती उपहार और नकदी बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
एसआईटी पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को बदरीनाथ लेकर पहुंची, जहां उसकी मौजूदगी में गणना स्थल, प्रोटोकॉल कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद नीलकंठ वीवीआईपी गेस्ट हाउस स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली गई। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान संदिग्ध कीमती उपहार और ₹500 के नोटों की नकदी बरामद हुई। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, हालांकि जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए बरामद सामग्री का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इसी दौरान देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आरोपी के आवास पर भी एसआईटी ने छापेमारी की। यहां से बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कथित हेराफेरी से जुड़ी रकम का उपयोग संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में तो नहीं किया गया।
दूसरी ओर, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने भी मामले में पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है। दफेदार, भंडार प्रभारी, वरिष्ठ सहायक, लेखा लिपिक और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से जुड़े कर्मचारियों से देहरादून में पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि चढ़ावे की निगरानी और गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जांच एजेंसियां अब कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही हैं। इनमें सरकारी आवास तक कीमती उपहार पहुंचने का तरीका, बरामद नकदी का स्रोत, कथित हेराफेरी से संपत्तियां खरीदे जाने की संभावना, मामले में अन्य लोगों की भूमिका और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद कथित अनियमितताओं का लंबे समय तक सामने न आना शामिल है।
एसआईटी का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

