2 august 2026 ; Dehradun।
अल्मोड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ रिसेप्शन में इस बार उत्तराखंड की युवा कैडेट गर्विता भाकुनी विशेष रूप से प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। अल्मोड़ा की रहने वाली गर्विता का चयन देशभर के केवल पांच युवा आपदा मित्र कैडेटों में हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं की सेवा भावना, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक मानी जा रही है।
गर्विता भाकुनी अल्मोड़ा नगर के लोअर माल रोड, खोल्टा की निवासी हैं। वह सोबन सिंह जीना (एसएसजे) परिसर, अल्मोड़ा में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और पिछले दो वर्षों से 77 यूके बटालियन एनसीसी की सक्रिय कैडेट के रूप में प्रशिक्षण ले रही हैं। हाल ही में द्वाराहाट में आयोजित एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्होंने रिवर क्रॉसिंग, रैपलिंग, जुमारिंग सहित कई कठिन गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आपदा प्रबंधन से जुड़े अभ्यासों में उनकी दक्षता और अनुशासित कार्यशैली को देखते हुए उन्हें बेस्ट कैडेट (आपदा प्रबंधन) चुना गया। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका चयन राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के लिए किया गया।
देशभर से इस सम्मानित आयोजन के लिए उत्तराखंड के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड से भी एक-एक युवा आपदा मित्र कैडेट का चयन किया गया है। ऐसे में गर्विता का चयन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिभा और समर्पण की पहचान माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्विता भाकुनी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आपदा संवेदनशील राज्य में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार युवाओं को आपदा प्रबंधन से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन को मजबूत सहयोग मिल सके।
राज्य सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के तहत उत्तराखंड में 4,310 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में एनसीसी, एनएसएस, मेरा युवा भारत (MY Bharat) तथा भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों को खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सामुदायिक जागरूकता और आपदा जोखिम न्यूनीकरण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक लगभग 2,700 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, ताकि वे किसी भी आपदा के दौरान प्रभावी सहयोग प्रदान कर सकें।
अपनी इस उपलब्धि पर गर्विता भाकुनी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का यादगार और सम्मानजनक अवसर है। उन्होंने बताया कि युवा आपदा मित्र के रूप में मिले प्रशिक्षण ने उनमें समाज सेवा की भावना और जिम्मेदारी दोनों को और मजबूत किया है। उनका कहना है कि वह आगे भी आपदा प्रबंधन और जनसेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेंगी तथा अधिक से अधिक युवाओं, विशेषकर बेटियों, को इस दिशा में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने संदेश दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

