देहरादून ; 20.08.2026।
देहरादून। कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अभी से गति देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में साफ किया गया कि इतने बड़े आयोजन के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका समय-समय पर अभ्यास भी कराया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कुंभ क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्रवार और परिस्थिति आधारित आपातकालीन योजनाएं तैयार की जाएं। पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर निकासी की ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे किसी आपात स्थिति में भीड़ को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में क्राउड मैनेजमेंट, यातायात नियंत्रण, इमरजेंसी इवेक्यूएशन और अग्निशमन व्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़ते हुए समग्र आपदा प्रबंधन रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। संभावित भूकंप, बाढ़ और अन्य आपदाओं के साथ-साथ सीबीआरएन यानी रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु प्रकृति की आपात परिस्थितियों के लिए अलग-अलग मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने आपदा के समय इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि बाढ़, भूकंप और सीबीआरएन जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उपकरण खरीद लेना ही तैयारी पूरी होने का प्रमाण नहीं है। सभी मशीनों और संसाधनों की कार्यशीलता की नियमित जांच, रखरखाव और उनका संचालन करने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए एटीएस को मजबूत करने तथा मेले के प्रमुख पर्वों और अत्यधिक भीड़ वाले समय को ध्यान में रखते हुए नियमित मॉक ड्रिल कराने पर भी बल दिया गया। इसका उद्देश्य संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल को परखना और वास्तविक आपातकाल की स्थिति में प्रतिक्रिया समय को कम करना होगा।
तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने AI और आधुनिक तकनीकी माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। कुंभ मेले के दौरान अलग-अलग विभागों से मिलने वाली सूचनाओं, घटनाओं, अनुभवों और व्यवस्थागत जानकारियों को एक व्यवस्थित डेटाबेस में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों की योजना बनाते समय इन अनुभवों का उपयोग किया जा सके।
इसके अलावा कंट्रोल रूम की क्षमता बढ़ाने और सभी संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के लिए आवश्यक बैठकें समय पर आयोजित करने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि तैयारियों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो और जिन व्यवस्थाओं में सुधार या अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है, उन्हें आयोजन से काफी पहले पूरा कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेला-2027 का 규모 और संभावित जनभागीदारी इसे एक चुनौतीपूर्ण आयोजन बनाती है। ऐसे में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, परिवहन सहित सभी संबंधित विभागों को साझा रणनीति के तहत काम करना होगा। लक्ष्य यही होना चाहिए कि किसी भी आपात परिस्थिति में राहत, बचाव और निकासी की कार्रवाई बिना देरी के शुरू की जा सके।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विनय शंकर पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल आनन्द स्वरूप तथा मेलाधिकारी सोनिका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी मौजूद रहे।

