10 august 2026 ; Dehradun।
चमोली। हेमकुंड साहिब की कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहम सूचना सामने आई है। इस साल तीर्थयात्रा का समापन 10 अक्टूबर को होगा। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। ऐसे में यात्रा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं को अब निर्धारित समय सीमा को ध्यान में रखते हुए दर्शन की योजना बनानी होगी।
इस सीजन में हेमकुंड साहिब की यात्रा के प्रति संगत में खासा उत्साह देखने को मिला। 23 मई को कपाट खुलने के बाद अब तक 2.38 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र स्थल पहुंच चुके हैं। अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी संगत ने यहां पहुंचकर गुरुद्वारे में माथा टेका और अरदास की।
यात्रा के लिए अब सीमित समय बाकी
हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने कपाट बंद होने की जानकारी साझा करते हुए श्रद्धालुओं से समय रहते यात्रा पूरी करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अक्टूबर को इस साल की यात्रा का औपचारिक समापन किया जाएगा। इसलिए जो लोग हेमकुंड साहिब में दर्शन के इच्छुक हैं, उन्हें अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय पहले ही यात्रा पूरी करने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों में इन दिनों दिख रही फूलों की रंगीन दुनिया
हेमकुंड साहिब की यात्रा इस समय केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। आसपास का हिमालयी इलाका भी अपने प्राकृतिक रूप से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। घाटी में विभिन्न प्रजातियों के फूल खिलने से पहाड़ों का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है।
सबसे खास बात यह है कि इस मौसम में ब्रह्मकमल भी देखने को मिल रहे हैं। हिमालय की ऊंचाइयों में खिलने वाला यह दुर्लभ फूल हेमकुंड क्षेत्र की खूबसूरती में एक अलग रंग जोड़ रहा है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ पर्यावरण की संवेदनशीलता बनाए रखने का आग्रह किया है।
15 हजार फीट की ऊंचाई पर बसा है हेमकुंड साहिब
हेमकुंड साहिब समुद्र तल से 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। सात हिमाच्छादित पर्वत चोटियों से घिरा यह तीर्थ एक शांत हिमानी झील के समीप बसा है। ऊंचाई, मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण यहां की यात्रा अपने आप में चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था इस कठिन सफर को विशेष अनुभव में बदल देती है।
यात्रा व्यवस्था में जुटे सभी लोगों को धन्यवाद
इस वर्ष यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने में प्रशासन से लेकर सुरक्षा एजेंसियों और सेवादारों तक की अहम भूमिका रही। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, सेना, सेवादारों और संगत के सहयोग के लिए आभार जताया है।
अब यात्रा के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। वहीं, अक्टूबर में कपाट बंद होने के बाद यह पवित्र धाम सर्दियों के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन से विराम लेगा।

