देहरादून ; 30.10.2026,
चमोली/देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के बीच शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हवाई हादसा होने की सूचना सामने आई है। बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पांचों यात्री बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। हालांकि, खराब मौसम और लगातार हो रही बर्फबारी के कारण राहत दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद टूटा संपर्क
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के लगभग 15 मिनट बाद हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और रेडियो टेलीफोनी से संपर्क अचानक टूट गया। इसके बाद विमान की तलाश शुरू की गई। शुरुआती इनपुट में हेलीकॉप्टर की अंतिम लोकेशन चाई गांव के आसपास मिलने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के ऊपर हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई। आशंका है कि उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर किसी पहाड़ी चट्टान से टकराया हो सकता है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह का पता जांच और रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही चल सकेगा।
हादसे के बाद सामने आया धुएं का दृश्य
हेलीकॉप्टर दुर्घटना से जुड़ी एक नई तस्वीर और दृश्य भी सामने आने की जानकारी मिली है। इसमें दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के आसपास से धुआं उठता दिखाई देने की बात कही जा रही है। इस दृश्य के सामने आने के बाद हादसे को लेकर चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर का मलबा और उसमें सवार लोगों की स्थिति को लेकर आधिकारिक तौर पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) के सीईओ प्रतीक जैन के मुताबिक, शुरुआती जानकारी मिलने के बाद बचाव दलों को रवाना किया गया, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम के चलते टीमें तत्काल हेलीकॉप्टर तक नहीं पहुंच सकी हैं।
सेना, पुलिस और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
यूकाडा कर्मचारियों से मिली शुरुआती सूचना के अनुसार, चाई गांव के ऊपर स्थित आर्मी कैंप के आसपास हेलीकॉप्टर की लोकेशन का संकेत मिला था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमें खोज अभियान के लिए रवाना की गईं।
बचाव दल पहाड़ी रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र में बर्फ जमने, कम दृश्यता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल प्राथमिकता हेलीकॉप्टर का सटीक स्थान पता लगाने और उसमें सवार सभी लोगों तक पहुंचने की है।
हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान आई सामने
शुरुआती जानकारी में हेलीकॉप्टर में पायलट हिमांशु के अलावा पांच यात्रियों के सवार होने की बात सामने आई है। यात्रियों की पहचान प्रथापा, अरुण सालुंके, शंकरगौड़ा वीजी, सुधीर के और एचएस नागाराजा के रूप में बताई गई है। सभी पांच यात्रियों के बेंगलुरु निवासी होने की जानकारी मिली है।
हालांकि, दुर्घटना के बाद यात्रियों और पायलट की स्थिति को लेकर अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। ऐसे में बचाव अभियान की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पहले से खराब चल रहा है उत्तराखंड का मौसम
इस हादसे के बीच उत्तराखंड में मौसम की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है। बदरीनाथ धाम सहित चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर तापमान में गिरावट के साथ कई इलाकों में दृश्यता भी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग ने आगामी 2 नवंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर अब खोज और बचाव कार्य पर भी दिखाई दे रहा है।
फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों की नजर चाई गांव के आसपास के पहाड़ी क्षेत्र पर बनी हुई है। हेलीकॉप्टर के मलबे तक पहुंचने और उसमें सवार छह लोगों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे से जुड़ी पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

