देहरादून ; 30.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पेक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से प्रदेश में रोजगार के अवसर विकसित करने और युवाओं को विभिन्न देशों में नौकरी दिलाने के प्रस्ताव पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रस्ताव को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित न रखते हुए एक व्यवस्थित और परिणाम आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कंपनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रत्येक पहलू का गहन अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई सामने न आए।
मुख्य सचिव ने सबसे पहले प्रस्ताव के वित्तीय एवं रेवेन्यू मॉडल को स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह तय होना चाहिए कि योजना के संचालन के लिए संसाधनों की व्यवस्था किस प्रकार होगी और इसके माध्यम से प्रदेश के कितने युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण की प्रक्रिया, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को नौकरी दिलाने की व्यवस्था भी पहले से निर्धारित की जाए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन रोजगार बाजार की वास्तविक मांग को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों और कार्यों में देश-विदेश में रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं, उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए अनुभवी एवं दक्ष प्रशिक्षकों का चयन करने के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना इस पहल की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मुख्य सचिव ने योजना में प्रदेश के युवाओं के साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ विदेशों में नौकरी के अवसरों तक पहुंच बनाने से प्रदेश के युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुल सकते हैं।
बैठक में योजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कंपनी को निर्देश दिए कि प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। कार्ययोजना तैयार करने से लेकर प्रशिक्षण शुरू करने और युवाओं के प्लेसमेंट तक सभी गतिविधियों का निर्धारित समय के अनुसार संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रस्ताव तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन और वास्तविक परिणामों पर भी ध्यान देना होगा।
इस उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों, कंपनी और अन्य हितधारकों की सहभागिता के साथ एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कार्यशाला के माध्यम से योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श कर विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि एक व्यावहारिक और प्रभावी रोजगार मॉडल को अंतिम रूप दिया जा सके।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण की उपलब्धता, प्रशिक्षकों की नियुक्ति, रोजगार की संभावित मांग, युवाओं के चयन, प्लेसमेंट और योजना के संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का स्पष्ट खाका तैयार होना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी को प्रस्ताव के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमेटी से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर स्थानीय स्वरोजगार से लेकर अंतरराष्ट्रीय रोजगार तक के अवसरों से जोड़ना है।

