5 july 2026 ! Dehradun,
हरिद्वार। सावन माह में आयोजित होने वाले कांवड़ मेले 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हरिद्वार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कांवड़ मेले की आधिकारिक तिथियों की घोषणा करते हुए बताया गया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक चलेगी। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सरकार की ओर से कांवड़ मेले के लिए लगभग 21.38 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है, जबकि 18.53 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई है। इस बजट का उपयोग पेयजल, सफाई, चिकित्सा सेवाओं, बिजली, बैरिकेडिंग, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
इस बार प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों के स्वागत को विशेष बनाने की योजना तैयार की है। प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण पड़ावों पर श्रद्धालुओं का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा शिविर, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
मेले की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पहली बार श्रद्धालुओं की आपातकालीन सहायता के लिए वाटर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं किसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एयर एंबुलेंस को भी तैयार रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मेले के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
साथ ही उन्होंने डीजे कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करें और तेज आवाज में डीजे बजाने से बचें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगी।
हरिद्वार कांवड़ मेला हर वर्ष देशभर से करोड़ों शिवभक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक हर स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि आस्था के इस महापर्व का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाया जा सके।

