21 june 2026 ; Dehradun!
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत 213 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली चार महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण करना और शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मार्ग निर्माण, हर की पैड़ी पुनर्विकास, हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र के पुनर्विकास तथा रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और गंगा तटों पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसलिए राज्य सरकार इसे विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गंगा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गंगा कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण में शुरू की गई इन योजनाओं से हरिद्वार के धार्मिक महत्व को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ शहर का समग्र विकास भी तेज होगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित अवसंरचना के माध्यम से हरिद्वार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अधिक आकर्षक और सुविधाजनक धार्मिक गंतव्य बनकर उभरेगा।

