3 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। उत्तराखंड में राजकीय माध्यमिक शिक्षकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर सोमवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र सिंह राणा और महामंत्री डॉ. अंकित जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान संघ ने एलटी संवर्ग से प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पदों पर लंबित पदोन्नतियों को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि समय पर पदोन्नति नहीं होने से शिक्षकों के मनोबल के साथ-साथ विद्यालयों के प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा शिक्षकों को चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पर एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ देने का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राजकीय इंटरमीडिएट विद्यालयों में प्रवक्ता (शारीरिक शिक्षा) के नए पद सृजित करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक प्रतिनिधियों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा सचिव को सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने विद्यालयी शिक्षा सचिव ज्योति यादव से भी भेंट की। इस दौरान विभाग से जुड़े नीतिगत और प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा सचिव ने संघ की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों के साथ जल्द विस्तृत प्रस्तुतीकरण आयोजित करने पर सहमति जताई, ताकि लंबित मामलों पर ठोस निर्णय की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
राजकीय शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से शिक्षकों की लंबित समस्याओं का चरणबद्ध समाधान होगा। संघ का मानना है कि इससे शिक्षकों का उत्साह बढ़ेगा, विद्यालयों में कार्य व्यवस्था मजबूत होगी और राज्य की शिक्षा प्रणाली को भी नई गति मिलेगी।

