3 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड में सामने आए प्रत्येक नकल प्रकरण में त्वरित और कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वाले लगभग 100 लोगों को कानून के दायरे में लाकर जेल भेजा गया है।
सोमवार को देहरादून में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के प्रति सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नकल पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कानून लागू किया गया, जिसके बाद भर्ती परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि जिन राजनीतिक दलों के शासनकाल में अन्य राज्यों में भर्ती घोटाले और परीक्षा अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए, वही अब उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने झारखंड, पंजाब और वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन स्थानों पर भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता तक प्रभावित हुई थी।
राजनीतिक कटाक्ष करते हुए धामी ने कहा कि कुछ दलों का मौजूदा रुख उस कहावत की याद दिलाता है जिसमें पहले गलतियां करने के बाद नैतिकता की बात की जाती है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब हर परिस्थिति को समझने और सही-गलत का आकलन करने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया, जिसमें युवाओं को छोटी-छोटी भूलों के कारण जीवनभर दंडित करने के बजाय उन्हें सुधार और आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है।

