25 june 2026,
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और सुचारु आवागमन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, आपदा तैयारी और संचार व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए। यात्रा मार्गों पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और यात्रियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक, तथ्यहीन और भड़काऊ सूचनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निरंतर निगरानी की जाए और यात्रा, कानून-व्यवस्था अथवा सामाजिक सौहार्द से संबंधित गलत जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनसामान्य से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करने की अपील भी की गई।
बैठक में कहा गया कि उत्तराखंड की पहचान केवल धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत, अतिथि सत्कार और सामाजिक समरसता के लिए भी जाना जाता है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना उत्तराखंड की परंपराओं में रची-बसी है और प्रदेश सरकार इस भावना को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
इस दौरान कर्णप्रयाग एवं नगरासू में हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि दोनों मामलों की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। जांच एजेंसियों को तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने अथवा सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश की शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, अपुष्ट सूचना या भड़काऊ सामग्री को साझा करने से बचें और समाज में भाईचारे एवं विश्वास का वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें। बैठक में यह भी कहा गया कि संवाद, सद्भाव, सहिष्णुता और आपसी विश्वास ही किसी भी सामाजिक चुनौती का सबसे प्रभावी समाधान हैं।
बैठक में श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुखद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति व्यक्त की।

