6 august 2026 ; Dehradun।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और आगामी दिनों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी संबंधित विभागों और आपदा से जुड़ी एजेंसियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव से प्रदेश के विभिन्न जिलों की मौजूदा स्थिति की जानकारी प्राप्त की और स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रहे।
सरकार ने राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (एनडीआरएफ), जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय रहें। हर सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी करता रहे। सरकार का उद्देश्य संभावित आपदाओं के दौरान जनहानि और नुकसान को न्यूनतम रखना है।
इस बीच मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य के अन्य सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेशवासियों और राज्य में आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें। अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो पहले मौसम तथा सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र लगातार सभी जिलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई के लिए पूरी व्यवस्था तैयार रखी गई है।

