देहरादून ; 3 अक्टूबर 2026,
नैनीताल। गांधी जयंती और तीन दिवसीय लंबे वीकेंड की छुट्टियों ने सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ ला दी। शुक्रवार से ही बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला। कारोबारियों के अनुसार, नैनीताल में 12 हजार से अधिक पर्यटक और चार हजार से ज्यादा पर्यटक वाहन पहुंचे। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर की लगभग सभी प्रमुख पार्किंग फुल हो गईं और कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सुबह से ही सड़कों पर बढ़ने लगा वाहनों का दबाव
शुक्रवार सुबह से ही नैनीताल की ओर आने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती रही। दोपहर बाद हालात और बिगड़ गए। मालरोड, जू रोड, शेरवानी मार्ग, भवाली रोड और कालाढूंगी रोड समेत शहर के कई हिस्सों में वाहन धीमी रफ्तार से चलते नजर आए। हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी से रूसी बाईपास तक भी वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। कई स्थानों पर लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी समय लग गया।
नैनीताल से भवाली और कैंची धाम तक असर
ट्रैफिक का असर सिर्फ नैनीताल शहर तक सीमित नहीं रहा। भवाली क्षेत्र में भी वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ। भवाली से कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही और इसका असर आगे गरमपानी और खैरना की तरफ भी दिखाई दिया। कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और नैनीताल घूमने आए पर्यटकों की आवाजाही ने इस मार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ा दिया।
पार्किंग फुल, सड़कें बनीं पार्किंग
पर्यटकों की भारी आमद के चलते नैनीताल की प्रमुख पार्किंग क्षमता से अधिक भर गईं। पार्किंग नहीं मिलने के कारण कई पर्यटक वाहनों का दबाव सड़कों पर बढ़ता गया। रिपोर्टों के मुताबिक डीएसए मैदान, मेट्रोपोल और सूखाताल समेत कई पार्किंग स्थलों पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई थी। इसके बाद शहर के भीतर जाम की स्थिति लगातार बनी रही।
रोडवेज बसें भी जाम में फंसीं
जाम का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। कई रोडवेज बसें निर्धारित समय से काफी देर तक जाम में फंसी रहीं। कुछ यात्रियों को बस से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों को तीन से पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर शहर की ओर जाना पड़ा। इससे परिवार के साथ पहुंचे बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने लागू किया विशेष ट्रैफिक प्लान
लंबे वीकेंड में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही विशेष यातायात व्यवस्था लागू की थी। वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए कुछ एंट्री प्वाइंट पर वाहनों को रोककर चरणबद्ध तरीके से शहर में प्रवेश दिया गया। रूसी बाईपास और नारायण नगर जैसे स्थानों पर वाहनों को रोकने तथा जरूरत के अनुसार शटल सेवा के जरिए पर्यटकों को शहर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। हालांकि, पर्यटकों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था पर लगातार दबाव बना रहा।
पर्यटन स्थलों पर भी उमड़ी भीड़
जाम के बावजूद पर्यटकों के उत्साह में कमी नहीं दिखी। नैनी झील में नौकायन के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। इसके अलावा नैनीताल चिड़ियाघर, स्नो व्यू, हिमालय दर्शन, केव गार्डन और मालरोड जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी दिनभर भीड़ रही। लंबे समय बाद नैनी झील में गर्मियों के सीजन जैसी चहल-पहल देखने को मिली।
होटल और होमस्टे भी हुए पैक
पर्यटकों की भारी संख्या का असर होटल कारोबार पर भी देखने को मिला। नैनीताल के साथ-साथ पंगोट, खुर्पाताल, मंगोली, गेठिया, भीमताल, भवाली, श्यामखेत, कैंची धाम और नौकुचियाताल जैसे आसपास के पर्यटन स्थलों में भी होटल और गेस्ट हाउसों में कमरों की मांग बढ़ गई। कुछ पर्यटकों को नैनीताल में कमरा नहीं मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में ठहरने के लिए जाना पड़ा।
पर्यटन कारोबार को मिला फायदा
लंबे वीकेंड की भीड़ ने होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, नाव संचालन और अन्य पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कारोबार बढ़ाया। बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी अच्छी चहल-पहल रही। हालांकि, जहां कारोबारी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से उत्साहित नजर आए, वहीं स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में काफी परेशानी हुई।
बढ़ते पर्यटन दबाव ने फिर उठाए यातायात व्यवस्था पर सवाल
नैनीताल में लंबे वीकेंड के दौरान लगा जाम एक बार फिर पहाड़ी पर्यटन स्थलों में बढ़ते यातायात दबाव को सामने लाता है। सीमित चौड़ाई वाली पहाड़ी सड़कें, सीमित पार्किंग क्षमता और एक साथ बड़ी संख्या में निजी वाहनों का पहुंचना यातायात प्रबंधन के लिए चुनौती बनता है। इस बार विशेष ट्रैफिक प्लान और शटल व्यवस्था के बावजूद कई मार्गों पर लंबी कतारें बनी रहीं।
गांधी जयंती के लंबे वीकेंड पर नैनीताल में उमड़ी 12 हजार से अधिक पर्यटकों की भीड़ ने जहां पर्यटन कारोबार को रफ्तार दी, वहीं कई किलोमीटर तक फैले जाम ने सैलानियों और स्थानीय लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी। अब आने वाले दिनों में पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए पार्किंग और यातायात प्रबंधन किस तरह किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

