30 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अगले छह माह के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद अधिसूचना के दायरे में आने वाले सरकारी कर्मचारी और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्मिक इस अवधि में हड़ताल नहीं कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि आम जनता को स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया है। यदि किसी विभाग में कार्य बाधित होता है तो उसका सीधा असर लाखों नागरिकों पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को लगातार जारी रखने पर जोर दिया है।
ESMA लागू होने के बाद अधिसूचना में शामिल सेवाओं के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल या सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अधिनियम के तहत अन्य प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और जनता को बिना किसी व्यवधान के आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार ने सभी विभागों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार के सामने लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर बातचीत का रास्ता खुला रहेगा, लेकिन आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद अब अगले छह माह तक आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों में हड़ताल पर रोक रहेगी और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

