23 july 2026 ; Dehradun!
उत्तराखंड में लगातार मौसम की चुनौती के बीच कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण प्रदेशभर में 99 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक असर पिथौरागढ़ जिले में देखने को मिल रहा है, जहां कई महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हैं।
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में धारचूला-तवाघाट मार्ग और न्यू सबेला-तिदांग मार्ग (बीआरओ एनएच) बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा जिले के 21 ग्रामीण संपर्क मार्ग भी बंद हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
वहीं, काली नदी का जलस्तर भी बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आपदा से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है। अल्मोड़ा में एक, बागेश्वर में दो, चमोली में नौ, चंपावत में 14, देहरादून में 13, नैनीताल में तीन, पौड़ी में सात, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में सात और उत्तरकाशी में 11 सड़कें प्रभावित हैं।
सड़क मार्ग बाधित होने से पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन और सड़क विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां राहत कार्यों में बाधा बन रही हैं।

