13 july 2026 ; Dehradun!
उत्तराखंड में लगातार हुई बारिश के बाद जनजीवन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, मलबा और चट्टानें गिरने से करीब 100 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग हैं, जिससे कई गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़कें खोलने के लिए लगातार राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।
सबसे अधिक असर उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, टिहरी और देहरादून जिलों में देखा जा रहा है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र के पास मलबा आने से बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नैनीताल जिले में हल्द्वानी-भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगढ़ पुल के पास सड़क धंसने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, देहरादून में 10, चमोली में 12, पिथौरागढ़ में 14, उत्तरकाशी में 10, टिहरी में 9, अल्मोड़ा में 5 और रुद्रप्रयाग में 4 सड़कें बंद हैं। संबंधित विभाग जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
इधर, रविवार को बारिश थमने के बाद प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासकर मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि मौसम विभाग ने सोमवार को पर्वतीय जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
बारिश के नए दौर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग भी पूरी तरह सतर्क है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

