18 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रदेश के कई युवाओं के लिए नया सहारा बन रही है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि पहाड़ों से होने वाले पलायन को कम किया जा सके और युवा अपने ही गांव में रोजगार स्थापित कर सकें। योजना के तहत ऋण और अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार, योजना का लाभ उत्तराखंड के स्थायी निवासी पात्र युवाओं, महिलाओं और प्रवासी परिवारों को दिया जा रहा है। विनिर्माण इकाइयों के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है, जिससे नए उद्यम शुरू करना आसान हो सके।
धामी सरकार का फोकस केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित छोटे उद्योग, पर्यटन, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
राज्य के कई पर्वतीय जिलों में युवाओं ने इस योजना का लाभ लेकर अपने व्यवसाय शुरू किए हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का कहना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली ऐसी योजनाएं आने वाले समय में उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजन करने वाले राज्य के रूप में मजबूत आधार प्रदान करेंगी।

