देहरादून ; 17.08.2026।
उत्तराखंड। प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार कल 18 अगस्त को जिले के स्कूलों में अवकाश रहेगा। प्रशासन के इस फैसले से विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिली है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को घर से स्कूल तक आने-जाने में किसी तरह की परेशानी या जोखिम न हो, इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिलाधिकारी के आदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है और कई स्थानों पर अचानक जलभराव या भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। छोटे बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए एक दिन के अवकाश की घोषणा की है।
स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश
जिला प्रशासन की ओर से संबंधित शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक रूप से बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में मानसून के दौरान भारी बारिश के चलते प्रशासन पहले भी अलग-अलग जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के आदेश जारी करता रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर स्थानीय प्रशासन परिस्थितियों का आकलन कर इस तरह के निर्णय लेता है।
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखने और नदी-नालों तथा संवेदनशील स्थानों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी तेज रहता है तो स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन की ओर से आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।
फिलहाल कल 18 अगस्त को स्कूल बंद रहने के आदेश के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। अभिभावक जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।

