14 july 2026 ; Dehradun!
उत्तराखंड में विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) मंगलवार को जारी किया जा रहा है। इस सूची के जारी होने के साथ ही मतदाता अपने नाम की स्थिति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जांच सकेंगे। जिन लोगों ने समय पर एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रपत्र जमा किया था, उन्हें अपनी वोटर आईडी के ईपिक (EPIC) नंबर की सहायता से सूची में नाम अवश्य देख लेना चाहिए।
चुनाव विभाग के अनुसार, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई। जिन मतदाताओं ने एसआईआर प्रपत्र जमा नहीं किया या जिनसे संपर्क नहीं हो सका, उन्हें “अनकलेक्टेबल” श्रेणी में रखते हुए प्रारूप सूची से बाहर कर दिया गया है। इसी कारण इस बार मतदाताओं की कुल संख्या पहले की तुलना में काफी कम दिखाई देगी।
नाम नहीं मिलने पर क्या करें?
यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाता नए सिरे से फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने पर नाम फिर से सूची में जोड़ा जाएगा।
विसंगतियों वाले मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
पुनरीक्षण के दौरान कई मतदाताओं के रिकॉर्ड में नाम, आयु या अन्य व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी विसंगतियां भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में निर्वाचन विभाग संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। यह नोटिस बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। नोटिस मिलने पर निर्धारित समय के भीतर आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत कर जानकारी स्पष्ट करनी होगी।
कहां देखें अपना नाम?
मतदाता अपना नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर ईपिक नंबर के माध्यम से खोज सकते हैं। इसके अलावा संबंधित बीएलओ, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय में भी ड्राफ्ट मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची में मौजूद होगा, उनका मतदान अधिकार सुरक्षित माना जाएगा, हालांकि यदि किसी प्रकार की विसंगति होगी तो उन्हें अलग से सूचना दी जा सकती है।
बीएलओ के संपर्क में रहना होगा जरूरी
निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ के संपर्क में बने रहें। यदि नाम, पता, आयु या अन्य विवरण से संबंधित कोई नोटिस प्राप्त होता है, तो उसका समय पर जवाब देना आवश्यक होगा। इससे भविष्य में मतदाता सूची से नाम हटने या मतदान के अधिकार पर किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा।

