29 june 2026,
हल्द्वानी/प्रयागराज। देश में दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को अधिक प्रभावी, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य शिक्षा, शोध, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई गति देना है।
समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। इसमें संयुक्त शोध परियोजनाओं का संचालन, फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन, अध्ययन भ्रमण तथा गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री का संयुक्त विकास शामिल रहेगा। इससे दोनों संस्थानों के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों विश्वविद्यालयों की संयुक्त पहल से शोध गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय डिजिटल शिक्षा, ई-लर्निंग और मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (एमओओसी) के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस अनुभव का लाभ अब राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय को भी मिलेगा। दोनों संस्थान ई-कंटेंट निर्माण, डिजिटल पाठ्य सामग्री, कौशल विकास कार्यक्रमों और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के विकास पर विशेष रूप से ध्यान देंगे।
प्रो. लोहनी ने कहा कि बदलते समय में विश्वविद्यालयों के बीच सहयोगात्मक प्रयास उच्च शिक्षा की आवश्यकता बन चुके हैं। यह समझौता विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता और उसकी पहुंच को और मजबूत करेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रयागराज पहुंचने पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी भेंट कर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति का सम्मान भी किया।
कार्यक्रम में दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों, विभिन्न विभागों के निदेशकों, अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने इस समझौते को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई कि यह साझेदारी नई शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को साकार करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शैक्षणिक नवाचार तथा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए रास्ते

