4 july 2026,
लैंसडौन। लैंसडौन के विधायक दिलीप सिंह रावत द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का उल्लेख करते हुए दिए गए बयान पर चर्चा शुरू हो गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कुछ लोगों ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और मौके पर ही अपनी नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर भी चर्चा का विषय बन गया।
विवाद बढ़ने के बाद विधायक दिलीप सिंह रावत ने लिखित रूप से अपनी सफाई जारी की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को वास्तविक संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। उनके अनुसार, उनके वक्तव्य का उद्देश्य वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के संघर्ष, क्रांतिकारी सोच और देश की आजादी के लिए दिए गए योगदान का उल्लेख करना था।
विधायक ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली हम सभी के लिए सम्मान और प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह बताने का था कि किसी भी बड़े परिवर्तन या क्रांति के लिए केवल औपचारिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति, साहस और समर्पण की भी आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी थी।
घटना के बाद विभिन्न स्तरों पर इस विषय को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने बयान पर आपत्ति जताई, जबकि विधायक ने दोहराया कि उनके शब्दों का उद्देश्य किसी भी महान स्वतंत्रता सेनानी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने सभी से अपील की कि उनके वक्तव्य को पूरे संदर्भ में समझा जाए।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों में लिया जाता है। ऐसे में उनसे जुड़े किसी भी विषय पर सार्वजनिक चर्चा स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाओं से जुड़ जाती है। फिलहाल विधायक की सफाई सामने आने के बाद मामले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं जारी हैं, जबकि उन्होंने अपने बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने की बात कही है।

