25 july 2026 ;
नई दिल्ली: देश में NEET-UG परीक्षा को लेकर उठे सवालों और छात्रों के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है और इसकी जानकारी स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है।
अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका सबसे बड़ा उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना रहा है। उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वे छात्र हित, शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा सुधार के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं। उनका मानना है कि किसी भी देश की प्रगति की सबसे मजबूत नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है।
इस्तीफे के पीछे उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। हाल के समय में NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों, पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों और विभिन्न राज्यों में छात्रों के प्रदर्शनों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर छात्र परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार का उनका संकल्प आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और इस दिशा में उनका योगदान किसी पद पर निर्भर नहीं रहेगा।
फिलहाल इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। यदि यह इस्तीफा स्वीकार किया जाता है, तो शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व को लेकर नई नियुक्ति पर भी चर्चा तेज हो सकती है।

