14 अगस्त 2026 ;।।
देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तराखंड की बहनों के लिए इस बार धामी सरकार की ओर से बड़ा तोहफा मिल सकता है। हर साल राखी के दिन महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में राज्य की सीमा के भीतर निश्शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है, लेकिन इस बार इस सुविधा का दायरा बढ़ाने पर सरकार के स्तर पर विचार चल रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बहनों को एक दिन के बजाय दो या उससे अधिक दिनों तक रोडवेज बसों में मुफ्त सफर का लाभ मिल सकता है।
रक्षाबंधन उत्तराखंड में केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि पहाड़ से लेकर मैदान तक परिवारों के एक साथ जुटने का भी अवसर होता है। प्रदेश के दूरदराज गांवों में रहने वाले भाई-बहनों को त्योहार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई पर्वतीय क्षेत्रों से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और अन्य शहरों तक आने-जाने में ही काफी समय लग जाता है। ऐसे में मुफ्त यात्रा की अवधि बढ़ने से त्योहार पर घर लौटने वाले परिवारों को सीधा फायदा मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश की व्यवस्था के बाद उत्तराखंड में भी बढ़ी उम्मीद
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए कई दिनों तक सरकारी बसों में निश्शुल्क यात्रा की व्यवस्था किए जाने के बाद उत्तराखंड में भी इसी तरह की सुविधा पर चर्चा तेज हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम ने शासन के सामने रक्षाबंधन के दौरान मुफ्त यात्रा की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
फिलहाल प्रदेश में राखी के दिन महिलाओं को राज्य की सीमा के भीतर निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद यह अवधि कितनी होगी, इसका फैसला शासन स्तर पर होना है। ऐसे में दो दिन या उससे अधिक की मुफ्त यात्रा की संभावना को लेकर बहनों और उनके परिवारों की नजर सरकार के अगले निर्णय पर टिकी है।
पहाड़ की बहनों के लिए क्यों खास हो सकती है यह सुविधा?
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां इस सुविधा को और महत्वपूर्ण बना देती हैं। मैदानी राज्यों की तुलना में पहाड़ी क्षेत्रों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में अधिक समय लगता है। कई गांवों से पहले स्थानीय साधन और फिर रोडवेज बस पकड़नी पड़ती है।
राखी पर बहन को मायके पहुंचना हो या भाई को बहन के घर जाना हो, यात्रा कई घंटे और कई बार पूरा दिन ले सकती है। अगर मुफ्त बस यात्रा का लाभ एक से अधिक दिनों तक मिलता है तो लोग अपनी सुविधा के अनुसार आने-जाने की योजना बना सकेंगे। यही वजह है कि प्रस्ताव को खासतौर पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के यात्रियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
महिलाओं के लिए सालभर मुफ्त बस यात्रा का भी प्रस्ताव
रक्षाबंधन की विशेष सुविधा के साथ परिवहन निगम ने महिलाओं को नियमित रूप से निश्शुल्क बस यात्रा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की तर्ज पर तैयार किया गया है। यानी मामला सिर्फ राखी के कुछ दिनों की मुफ्त यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर भी विचार हो रहा है।
हालांकि ऐसी व्यवस्था लागू होने पर परिवहन निगम की आय पर असर पड़ने की संभावना है। इसी कारण सरकार के सामने योजना के आर्थिक पक्ष और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं पर भी विचार करना होगा। परिवहन निगम का कहना है कि उत्तर प्रदेश में लागू होने वाली व्यवस्था का प्रभाव उत्तराखंड की बस सेवाओं पर भी पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश के लिए अलग व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
15 अगस्त की घोषणा पर टिकी निगाहें
परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह के अनुसार महिलाओं को मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से 15 अगस्त के अवसर पर की जाने वाली घोषणाओं को देखते हुए परिवहन निगम ने भी अपनी ओर से यह प्रस्ताव शासन के सामने रखा है।
अब अंतिम निर्णय सरकार के स्तर से होना है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो इस बार रक्षाबंधन पर उत्तराखंड की बहनों के लिए रोडवेज की बसें सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि सरकार की ओर से त्योहार का खास उपहार भी बन सकती हैं।
राखी के सफर में राहत, परिवारों के चेहरे पर मुस्कान
रक्षाबंधन पर बाजारों में राखियों की रौनक, मिठाइयों की खरीदारी और घर लौटते लोगों की चहल-पहल के बीच रोडवेज बसों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे समय में महिलाओं के लिए अतिरिक्त दिनों की मुफ्त यात्रा लागू होती है तो इसका असर सीधे परिवारों के यात्रा खर्च पर पड़ेगा।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि धामी सरकार रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए कितने दिनों की मुफ्त यात्रा को मंजूरी देती है। अगर अवधि एक दिन से बढ़ती है, तो खासकर पहाड़ की उन बहनों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें राखी बांधने या भाई से मिलने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है।
यानी इस बार राखी की खुशी के साथ मुफ्त बस यात्रा का तोहफा भी लंबा होने की उम्मीद है—अब फैसला सरकार के हाथ में है।

