देहरादून ; 18.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए धनराशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा विद्यार्थियों के साथ आयोजित सीधे संवाद कार्यक्रम के दौरान की।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों ने शिक्षा, तकनीक और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री के सामने अपने सवाल रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सीधे सुनना रहा।
ऑनलाइन पढ़ाई के बीच सामने आई आर्थिक चुनौती
संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ी एक व्यावहारिक समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। छात्रा ने कहा कि डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को स्मार्टफोन या लैपटॉप उपलब्ध कराना आसान नहीं है।
लवप्रीत ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार की ओर से किस तरह की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
सवाल के जवाब में मंच से हुई घोषणा
छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान ही सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए टैबलेट की व्यवस्था को लेकर घोषणा की। उन्होंने बताया कि पात्र विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे टैबलेट प्राप्त कर सकें।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी डिजिटल संसाधनों तक पहुंच दिलाना है। इससे ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, डिजिटल कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल करने में विद्यार्थियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
तकनीक के साथ शिक्षा को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि मौजूदा दौर में विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल संसाधनों तक पहुंच भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार को युवाओं की वास्तविक जरूरतों, उनकी समस्याओं और भविष्य को लेकर उनकी सोच को समझने का अवसर मिलता है।
विद्यार्थियों की भागीदारी से सामने आए कई मुद्दे
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में विद्यार्थियों ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी अपने विचार और सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने छात्रों के सवाल सुने और उनके साथ संवाद करते हुए शिक्षा एवं युवा वर्ग से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
सरकार की ओर से टैबलेट के लिए डीबीटी की घोषणा को इसी संवाद का एक महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य की पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास दिखाई देता है।

