23 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और पहाड़ों की रानी मसूरी के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना क्षेत्र के पर्यटन और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। पुरकुल से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक बनने वाला यह रोपवे न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि यात्रियों को पहाड़ों की खूबसूरत वादियों का हवाई दृश्य देखने का भी अवसर देगा।
वर्तमान में पर्यटन सीजन, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान देहरादून-मसूरी मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम आम बात है। कई बार पर्यटकों को मसूरी पहुंचने में घंटों का समय लग जाता है। ऐसे में रोपवे परियोजना को यातायात दबाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा नया आयाम
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि रोपवे शुरू होने के बाद मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। रोपवे की सवारी अपने आप में एक आकर्षण होगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस अनुभव का आनंद लेना चाहेंगे। इससे होटल, रेस्तरां, टैक्सी सेवाओं और स्थानीय बाजारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
परियोजना के निर्माण और संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। रोपवे संचालन, रखरखाव, सुरक्षा, टिकटिंग और पर्यटन सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पार्किंग व्यवस्था होगी सफलता की कुंजी
हालांकि लोगों का मानना है कि परियोजना का पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब रोपवे के दोनों सिरों पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए। यदि पर्यटकों को वाहन खड़ा करने में परेशानी होगी तो रोपवे का उद्देश्य पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगा। विशेषज्ञों का भी कहना है कि बेहतर पार्किंग और सुगम यातायात प्रबंधन के साथ यह परियोजना मसूरी की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है।
सफर बनेगा यादगार अनुभव
रोपवे के माध्यम से यात्रा करने वाले पर्यटकों को दून घाटी, घने जंगलों और हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं के मनोरम दृश्य देखने को मिलेंगे। इससे देहरादून से मसूरी का सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक यादगार पर्यटन अनुभव बन जाएगा।
उम्मीदों से जुड़ी बड़ी परियोजना
देहरादून-मसूरी रोपवे को स्थानीय लोग और पर्यटन उद्योग भविष्य की एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया गया तो यह न केवल पर्यटन को नई ऊंचाई देगा, बल्कि मसूरी की लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगा।

