15 August 2026 ; Dehradun।
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी क्षेत्र में हुई टनल दुर्घटना के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। शनिवार को रेस्क्यू टीमों को बड़ी सफलता मिली। सुरंग के भीतर तलाशी अभियान के दौरान एक और लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया। शव को बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है। इस बरामदगी के बाद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
दो श्रमिकों की तलाश अब भी चुनौती
हादसे के बाद से सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों को तलाशने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एक और शव मिलने के बाद अब दो श्रमिकों का पता लगाया जाना बाकी है। रेस्क्यू टीमें सुरंग के उन हिस्सों में भी पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, जहां मलबे और पानी के कारण अभियान मुश्किल बना हुआ है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर जमा पानी और मलबा है। पानी को बाहर निकालने के लिए सक्शन पंप समेत कई उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे-जैसे जलभराव कम किया जा रहा है, बचाव दल सुरंग के अंदर आगे बढ़कर संभावित स्थानों पर सघन तलाशी ले रहा है।
कई एजेंसियां मिलकर चला रही हैं अभियान
लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए प्रशासन के साथ पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों की टीमें समन्वय के साथ काम कर रही हैं। अभियान में उपलब्ध संसाधनों को लगातार बढ़ाया जा रहा है, ताकि सुरंग के भीतर रेस्क्यू टीमों की आवाजाही आसान हो और तलाशी की रफ्तार तेज की जा सके।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरंग की मौजूदा स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। पानी की निकासी के साथ मलबे को हटाने और सुरक्षित तरीके से अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
परिवारों की उम्मीदें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकीं
हादसे के बाद से लापता श्रमिकों के परिजन लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रशासन ने भी दोनों लापता श्रमिकों की तलाश को अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा है। बचाव दल संभावित स्थानों की बारीकी से जांच कर रहा है और किसी भी संकेत को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
चमोली की इस दुर्घटना में राहत-बचाव अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक और शव की बरामदगी से हादसे में मृतकों का आंकड़ा आठ हो गया है, जबकि दो श्रमिकों की तलाश अभी जारी है। रेस्क्यू टीमें पानी और मलबे से जूझते हुए दोनों लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

