देहरादून ; 20.08.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी नियुक्ति को राज्य में पार्टी की मीडिया रणनीति को धार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह जिम्मेदारी उन्हें राज्यसभा सांसद और एआईसीसी के मीडिया चेयरपर्सन पवन खेड़ा की ओर से दी गई है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पंखुड़ी पाठक ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की ओर से सौंपी गई भूमिका निभाएंगी। उत्तराखंड में चुनावी मुकाबला नजदीक आने के साथ कांग्रेस के लिए मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी बात मजबूती से रखना अहम होगा।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
पंखुड़ी पाठक का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2010 में हंसराज कॉलेज में उन्होंने ज्वाइंट सेक्रेटरी का चुनाव जीता। इसके बाद उनकी सक्रियता धीरे-धीरे पार्टी की मुख्यधारा की राजनीति तक पहुंची।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। शुरुआती दौर में वह समाजवादी पार्टी से जुड़ीं और पार्टी की युवा राजनीति में अपनी पहचान बनाई। बाद में उन्हें लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और वर्ष 2016 में वह सपा की प्रवक्ता भी बनीं।
सपा छोड़ने के बाद कांग्रेस में नई भूमिका
पंखुड़ी पाठक लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़ी रहीं, लेकिन 2018 में उन्होंने पार्टी से अपने संबंध समाप्त कर लिए। उस समय उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही राजनीति और अपनी नाराजगी को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी थी।
बाद के वर्षों में उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस की ओर बढ़ा और वह पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की प्रवक्ता के तौर पर सक्रिय हुईं। अब उत्तराखंड चुनाव में उन्हें मीडिया की कमान से जुड़ी अहम जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
2018 में अतरौली की घटना से भी आई थीं चर्चा में
पंखुड़ी पाठक वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अतरौली में हुई एक घटना को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई थीं। वह पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो लोगों के परिवारों से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि बजरंग दल से जुड़े लोगों ने उनकी टीम पर हमला किया और उनकी गाड़ी पर पथराव किया।
इस मामले में पंखुड़ी ने हमले को कथित तौर पर सुनियोजित बताया था। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने उस समय उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया था। इसलिए इस घटना का उल्लेख पंखुड़ी पाठक के आरोप के रूप में करना अधिक उचित है।
निजी जीवन भी रहा है चर्चा में
उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक पंखुड़ी पाठक का जन्म 1992 में दिल्ली में हुआ। उनके माता-पिता चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। दिसंबर 2019 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता अनिल यादव से विवाह किया था।
राजनीतिक सक्रियता के साथ पंखुड़ी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रही हैं। उनके राजनीतिक बयानों और सरकार तथा विपक्ष से जुड़े मुद्दों पर मुखर रुख के कारण वह लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रही हैं।
उत्तराखंड में क्या होगी भूमिका?
कांग्रेस की ओर से नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर बनाए जाने के बाद पंखुड़ी पाठक की भूमिका केवल बयान जारी करने तक सीमित नहीं रहने वाली है। चुनाव के दौरान पार्टी की मीडिया रणनीति तैयार करना, राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया के साथ समन्वय, कांग्रेस के मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना और विपक्ष के सवालों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारियों का अहम हिस्सा हो सकता है।
उत्तराखंड जैसे राज्य में पहाड़, रोजगार, पलायन, पर्यटन, विकास, महिला सुरक्षा और स्थानीय मुद्दे चुनावी बहस के प्रमुख विषय रहते हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से पंखुड़ी पाठक को मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत माना जा सकता है कि पार्टी चुनावी नैरेटिव को राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती से पेश करने की तैयारी में है।
कुल मिलाकर, छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाली पंखुड़ी पाठक ने सपा की प्रवक्ता से लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता तक का सफर तय किया है। अब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मिली नई जिम्मेदारी उनके राजनीतिक करियर की एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी। कांग्रेस को उम्मीद होगी कि उनकी आक्रामक और स्पष्ट मीडिया शैली चुनावी माहौल में पार्टी की आवाज को ज्यादा प्रभावी तरीके से सामने रखने में मदद करेगी।

