देहरादून ; 22.08.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों के जरिए संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। सितंबर से कांग्रेस के बड़े नेताओं के दौरे प्रस्तावित हैं, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा प्रमुख नाम हैं।
पार्टी की योजना के मुताबिक राहुल गांधी को मैदानी जिलों में सक्रिय किया जा सकता है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में उनकी सभाएं और जनसभाएं कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा के पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। चमोली और अल्मोड़ा को उनके संभावित दौरे के लिए चुना गया है। हालांकि कार्यक्रमों की अंतिम तारीख पार्टी हाईकमान के साथ चर्चा के बाद तय की जाएगी।
दिल्ली की बैठक में बनी आगे की रणनीति
कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय संगठन के बीच हालिया विचार-विमर्श में राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को लेकर व्यापक सहमति बनी है। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में आगामी चुनाव को लेकर संगठन की गतिविधियों को तेज करने और केंद्रीय नेताओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कांग्रेस इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में माहौल बनाने की कवायद कर चुकी है। राहुल गांधी देहरादून में युवाओं और छात्रों के साथ संवाद कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली को भी पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआती कड़ी के तौर पर देखा गया।
मैदानी इलाकों में युवाओं और रोजगार पर फोकस
राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रमों में युवाओं से जुड़े सवालों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। रोजगार के अवसर, महंगाई, विकास कार्य और प्रदेश के आर्थिक मुद्दे उनकी सभाओं के प्रमुख विषय हो सकते हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में इन मुद्दों के जरिए कांग्रेस मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेगी।
दूसरी ओर, प्रियंका गांधी के पर्वतीय जिलों के कार्यक्रमों में पहाड़ से लगातार हो रहे पलायन, महिलाओं की भागीदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्तर पर रोजगार जैसे विषयों को प्रमुखता दिए जाने की तैयारी है। पार्टी की कोशिश है कि पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को केवल भाषणों तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने चुनावी अभियान का अहम हिस्सा बनाया जाए।
कई अन्य बड़े नेताओं के दौरे भी प्रस्तावित
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कार्यक्रमों के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट समेत कई अन्य नेताओं के उत्तराखंड दौरे भी प्रस्तावित हैं। पार्टी इन दौरों का इस्तेमाल चुनावी संदेश के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने के लिए करना चाहती है।
कांग्रेस की रणनीति इस बार केवल बड़े मंचों और भीड़ जुटाने तक सीमित रखने की नहीं है। पार्टी संगठन को बूथ और क्षेत्रीय स्तर तक मजबूत करने के साथ स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों में जगह देने पर जोर दे रही है। ऐसे में सितंबर से शुरू होने वाले संभावित दौरे उत्तराखंड में चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अब हाईकमान के साथ समन्वय कर कार्यक्रमों की तारीख और स्थान तय करने में जुटी है। तारीखों की घोषणा के साथ ही पार्टी के चुनावी अभियान को औपचारिक रूप से और गति मिलने की उम्मीद है।

