6 august 2026 ; Dehradun।
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश लगातार अपना असर दिखा रही है। पहाड़ी जिलों में हो रही भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में हालात ऐसे बन गए हैं कि अलकनंदा और मंदाकिनी दोनों नदियां अपने निर्धारित खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार सुबह 7 बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.70 मीटर दर्ज किया गया, जबकि मंदाकिनी नदी 626.20 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियों का जलस्तर सामान्य सीमा से काफी ऊपर पहुंच चुका है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन के अनुसार अलकनंदा नदी का चेतावनी स्तर 626.00 मीटर और खतरे का स्तर 627.00 मीटर निर्धारित है। वहीं मंदाकिनी नदी के लिए चेतावनी स्तर 625.00 मीटर और खतरे का स्तर 626.00 मीटर तय किया गया है। वर्तमान में दोनों नदियां इन सीमाओं को पार कर चुकी हैं। खासकर मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रुद्रप्रयाग के अलावा देवप्रयाग क्षेत्र में भी भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। यहां नदी 462.00 मीटर के स्तर तक पहुंच चुकी है, जो चेतावनी स्तर के बराबर है। हालांकि यह अभी खतरे के स्तर 463.00 मीटर से लगभग एक मीटर नीचे है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिला प्रशासन ने सभी तहसील और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि राहत और बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक नदी किनारों पर जाने से बचें। भारी बारिश के दौरान पुलों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें। किसी भी तरह की आपात स्थिति या खतरे की जानकारी तुरंत प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को देने की सलाह भी दी गई है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है और जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर बनाए हुए है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें और किसी भी संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

