23 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड में परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर सरकार की सख्त नीति स्पष्ट कर दी है। यूटीयू की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में कार्रवाई के बाद सीएम धामी ने कहा है कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता छात्रों की मेहनत के साथ अन्याय है, जिसे सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तेजी से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। उनका कहना है कि मेहनत करने वाले युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 8 जुलाई को आयोजित यूटीयू की सम-सेमेस्टर परीक्षा से पहले आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छात्रों के साथ परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
मामले में कोतवाली प्रेमनगर में यूटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता है या नहीं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि राज्य में परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जहां युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले।

