13 july 2026 ; Dehradun!
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की ओर से धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को हर्रावाला रेलवे स्टेशन से गुजरात स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ धाम के लिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ विशेष ट्रेन रवाना की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
इस विशेष रेल यात्रा में 720 श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रेलवे स्टेशन पर उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और संस्कृति विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की पहचान आध्यात्मिक परंपराओं तथा धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे प्रदेश के लोगों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर सहज और सुरक्षित रूप से मिल सके। उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और गौरव का प्रतीक है। ऐसी यात्राएं लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए भी इस प्रकार की विशेष यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सुविधाजनक तरीके से दर्शन कर सकें।
उत्तराखंड सरकार के संस्कृति विभाग की देखरेख में संचालित इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे सफर में सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन, शुद्ध पेयजल, चाय-कॉफी, शीतल पेय, छाछ और पैक्ड नारियल पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा चिकित्सा सहायता, स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे यात्रा पूरी तरह आरामदायक और सुरक्षित बनी रहे।
गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उत्तराखंड से शुरू की गई यह विशेष रेल यात्रा श्रद्धालुओं के लिए न केवल आध्यात्मिक अनुभव का अवसर है, बल्कि विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने की दिशा में भी एक अहम पहल मानी जा रही है।
श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू होने पर उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की विशेष रेल सेवाओं से बुजुर्गों और सामान्य परिवारों के लिए देश के प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।

