देहरादून ; 20.08.2026,
देहरादून। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण और आंशिक गायन को लेकर चल रही चर्चा के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रभावना और भारतीय जनमानस से गहराई से जुड़ा हुआ गीत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् ने लोगों में देश के प्रति समर्पण और एकजुटता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, समय के साथ यह गीत देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मृतियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
धामी ने वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व से जुड़े विषयों को व्यापक भावनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गीत से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं और इसके स्वरूप को लेकर होने वाली चर्चा को भी इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् की रचना में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक दिखाई देती है। उनके मुताबिक, गीत के विभिन्न अंशों को लेकर समय-समय पर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते रहे हैं और इस विषय पर चर्चा करते हुए देश की विविधता तथा सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को समझना आज की पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वंदे मातरम् को राष्ट्रभक्ति और देश के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ते हुए कहा कि इसके महत्व को राजनीतिक सीमाओं से अलग व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
वंदे मातरम् को लेकर सामने आए इस बयान के बाद राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व, उसके गायन और उससे जुड़ी भावनाओं को लेकर चर्चा एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गई है। यह विषय देश की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से भी जुड़ा होने के कारण व्यापक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है।

