15 june 2026
हरिद्वार। आगामी अर्धकुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मेला क्षेत्रों में अस्थायी जलापूर्ति नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े।
अर्धकुंभ के दौरान हरिद्वार में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जल निगम ने बैरागी कैंप, गौरी-शंकर द्वीप, मायापुर, मनसा देवी क्षेत्र तथा हर की पैड़ी सहित प्रमुख मेला सेक्टरों में विशेष जल व्यवस्थाएं करने की योजना तैयार की है। इन क्षेत्रों में अस्थायी पाइपलाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर स्टैंड पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालु आसानी से पेयजल प्राप्त कर सकेंगे। जरूरत के अनुसार पीवीसी टैंक लगाए जाएंगे और अतिरिक्त पानी भंडारण की व्यवस्था भी की जाएगी। गर्म मौसम और भीड़ को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर वॉटर कूलर लगाने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों के अनुसार मेले के दौरान जलापूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी स्थान पर पानी की कमी या तकनीकी समस्या होने पर तत्काल समाधान के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित जांच भी कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
अर्धकुंभ केवल धार्मिक आस्था का महापर्व नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन भी माना जाता है। लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से होटल, परिवहन, व्यापार, हस्तशिल्प और स्थानीय रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार और मेला प्रशासन का लक्ष्य है कि अर्धकुंभ को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाए। पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और हरिद्वार की सकारात्मक छवि देश-दुनिया में और मजबूत हो सके।

