4 july 2026,
रुड़की: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद की झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के भगतोवाली गांव में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। गांव के एक निवासी ने आरोप लगाया है कि जिस अंबेडकर पार्क का वास्तविक अस्तित्व ही नहीं है, उसी के सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकारी धन खर्च किए जाने का दावा किया गया। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता निशु कुमार का कहना है कि गांव में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से कोई पार्क विकसित नहीं किया गया है। इसके बावजूद राज्य वित्त योजना के अंतर्गत पार्क के सौंदर्यीकरण से संबंधित एक सूचना बोर्ड लगाया गया, जिसमें ब्लॉक प्रमुख, प्रस्तावक के रूप में क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) तथा ग्राम प्रधान का नाम दर्ज था। उनका आरोप है कि मौके पर न तो कोई पार्क मौजूद है और न ही किसी प्रकार का सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया।
निशु कुमार का दावा है कि जब इस संबंध में ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख से जानकारी मांगी गई तो इसे बोर्ड लगाने में हुई गलती बताया गया। आरोप है कि सवाल उठने के बाद संबंधित बोर्ड को जल्दबाजी में हटा दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास बोर्ड लगाए जाने और बाद में हटाए जाने से जुड़े वीडियो भी मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यक होने पर जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
मामले को आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत संबंधित विभाग से योजना, स्वीकृत धनराशि और कार्य से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांगी। उनका आरोप है कि निर्धारित समय में उन्हें संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद उन्होंने प्रथम अपील दायर की। इस अपील पर एक जुलाई को सुनवाई निर्धारित की गई है।
इसके अलावा शिकायत मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामला संबंधित विभागों के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण में प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है और सभी को जांच रिपोर्ट तथा प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है।

