4 july 2026,
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के बीच विकास परियोजनाओं को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से यूएनडीपी भारत की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल त्शान (Ms. Isabelle Tschan) ने शिष्टाचार भेंट की। बैठक के दौरान राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के समग्र विकास के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, कार्बन क्रेडिट, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में यूएनडीपी के वैश्विक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ राज्य को मिल सकता है।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से युवाओं के कौशल विकास पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की साक्षरता दर बेहतर होने के बावजूद युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यूएनडीपी से ऐसे कार्यक्रमों में सहयोग देने का आग्रह किया, जिनसे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर प्राप्त हो सकें।
बैठक में कार्बन क्रेडिट के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में कार्बन क्रेडिट से जुड़े मॉडल विकसित कर राज्य को आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभ पहुंचाया जा सकता है।
डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने जन्म के समय से ही बच्चों की डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने, सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन विस्तार और तकनीक आधारित प्रशासनिक प्रणाली को सशक्त बनाने में यूएनडीपी के सहयोग की अपेक्षा जताई।
यूएनडीपी की डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल त्शान ने कहा कि संस्था उत्तराखण्ड में सार्वजनिक नीति, सुशासन और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि यूएनडीपी स्थानीय स्तर पर एसडीजी के एकीकरण, निगरानी एवं मूल्यांकन, उत्पादक अर्थव्यवस्था, उद्यमिता, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस), क्षमता निर्माण तथा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच हुए व्यापक सहयोग समझौते के तहत जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आजीविका, कौशल विकास, सर्कुलर इकोनॉमी, संस्थागत क्षमता सुदृढ़ीकरण और ज्ञान प्रबंधन जैसे विषयों पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र सिंह भण्डारी, यूएनडीपी के सत्यन चौहान और प्रदीप मेहता सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु:
- उत्तराखण्ड सरकार और यूएनडीपी के बीच विकास सहयोग को मिलेगा नया विस्तार।
- कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने पर जोर।
- कार्बन क्रेडिट और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की पहल।
- डिजिटल गवर्नेंस और जन्म से डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने पर चर्चा।
- जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और सतत विकास लक्ष्यों पर संयुक्त रूप से होगा कार्य।

